फिरोजपुर: शहर के व्यस्त कैंट क्षेत्र में तीन दिन पहले दिनदहाड़े RSS नेता के पोते नवीन अरोड़ा की गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने बुधवार को दो मुख्य शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या की सुपारी देने वाले दोनों आरोपी अभी फरार हैं।
SSP फिरोजपुर भूपिंदर सिंह सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनव और हर्ष के रूप में हुई है। दोनों ने पूछताछ में हत्या में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। हत्या की पूरी साजिश कनव के घर पर रची गई थी। दोनों ने कई दिनों तक नवीन अरोड़ा की रेकी की और फिर मौका देखकर नजदीक से गोली मार दी।
SSP के अनुसार, फरार आरोपी जतिन और काली ने कनव व हर्ष को हत्या के लिए एक-एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। पहले इन्होंने सिर्फ रेकी के लिए 5-5 हजार रुपये ऑफर किए थे, लेकिन जब दोनों ने मना कर दिया तो सुपारी की रकम बढ़ाकर एक-एक लाख कर दी गई। हत्या में इस्तेमाल हथियार आरोपी उत्तर प्रदेश से लाए थे।
पुलिस का दावा है कि नवीन अरोड़ा और फरार आरोपियों जतिन-काली के बीच पुराना विवाद चल रहा था, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि हत्या के कुछ घंटों बाद खालिस्तानी संगठन ‘शेर-ए-पंजाब ब्रिगेड’ ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी लेते हुए लिखा था, “हिंदूवादी गिरोह के नेता को सबक सिखा दिया।” पुलिस इस दावे की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश को खालिस्तानी एंगल देकर भटकाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
फरार आरोपियों जतिन और काली की धरपकड़ के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर दी हैं और कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।